EV लोन 2026: ब्याज पर ₹1.5 लाख टैक्स छूट (80EEB) किसे मिलेगी? EMI से पहले RBI के 4 नियम ज़रूर जानें

अपडेट: 1 नवंबर 2026 · पढ़ने का समय: लगभग 9 मिनट
शोरूम में खड़ा teal रंग का इलेक्ट्रिक स्कूटर और सामने मेज़ पर कैलकुलेटर, पेन और लोन के काग़ज़
सांकेतिक तस्वीर (EV Gyan Hindi का मूल चित्र): यह किसी असली शोरूम या बैंक की फ़ोटो नहीं, समझाने के लिए बनाई गई तस्वीर है।

इलेक्ट्रिक स्कूटर हो या इलेक्ट्रिक कार, ज़्यादातर लोग इसे EMI पर ही लेते हैं। शोरूम में अक्सर दो बातें सुनने को मिलती हैं: "EV लोन के ब्याज पर ₹1.5 लाख तक टैक्स छूट मिलती है" और "लोन जल्दी चुकाओगे तो पेनल्टी लगेगी"। दोनों बातें आधी सच हैं।

इस गाइड में हम आयकर विभाग, RBI, PIB और बैंकों की अपनी वेबसाइट से समझाएँगे कि 80EEB की छूट आज किसे मिलती है, नया EV लोन लेने वाले को क्या फ़ायदा है, और लोन पर साइन करने से पहले RBI के कौन-से नियम आपकी जेब बचाते हैं। जहाँ बात पक्की नहीं है, वहाँ हमने साफ़ "पुष्टि नहीं" लिखा है।

छोटा जवाब: धारा 80EEB की छूट (ब्याज पर हर साल ₹1,50,000 तक) सिर्फ़ उन्हीं लोन पर है जो 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2023 के बीच मंज़ूर हुए थे, और यह सिर्फ़ पुराने टैक्स रिजीम में मिलती है। 2026 में नया EV लोन लेने वालों को यह छूट नहीं मिलती। पर RBI के नियमों से नए लोन पर दूसरे फ़ायदे हैं: KFS (Key Facts Statement) में सारा ख़र्च पहले लिखा मिलेगा, और 1 जनवरी 2026 से मंज़ूर फ़्लोटिंग रेट वाले निजी लोन को समय से पहले चुकाने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।

धारा 80EEB क्या है?

5 जुलाई 2019 के केंद्रीय बजट में सरकार ने घोषणा की थी कि इलेक्ट्रिक वाहन ख़रीदने के लिए लिए गए लोन के ब्याज पर ₹1.5 लाख तक की अतिरिक्त आयकर छूट मिलेगी (PIB, वित्त मंत्रालय)। यही छूट आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80EEB बनी।

आयकर विभाग के ई-फ़ाइलिंग पोर्टल (AY 2026-27 की गाइड) के अनुसार यह छूट उस लोन के ब्याज पर है जो 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2023 के बीच मंज़ूर (sanction) हुआ हो, और इसकी सीमा ₹1,50,000 है। CBDT के ITR-1 वैलिडेशन नियम (AY 2026-27) में भी यही लिखा है कि 80EEB शेड्यूल में लोन मंज़ूरी की तारीख 1.4.2019 और 31.3.2023 के बीच होनी चाहिए, वरना ITR में यह क्लेम आगे नहीं बढ़ेगा।

ITR में क्या-क्या भरना पड़ता है?

ई-फ़ाइलिंग पोर्टल के अनुसार 80EEB क्लेम करने के लिए ITR में ये जानकारी देनी होती है:

  • लोन बैंक से लिया या संस्था (institution) से
  • बैंक/संस्था का नाम और लोन अकाउंट नंबर
  • लोन मंज़ूर होने की तारीख
  • कुल लोन राशि और साल के आख़िरी दिन बकाया राशि
  • उस साल चुकाया गया ब्याज (80EEB के तहत)
  • गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर

यानी दोस्त या रिश्तेदार से लिए उधार पर यह छूट नहीं बनती, क्योंकि फ़ॉर्म में बैंक/संस्था और लोन अकाउंट की जानकारी माँगी जाती है। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी देना होता है।

किसे मिलेगी छूट, किसे नहीं: एक नज़र में

आपकी स्थिति80EEB छूट?
लोन 1.4.2019 – 31.3.2023 के बीच मंज़ूर, आप पुराना टैक्स रिजीम चुनते हैंहाँ, चुकाए गए ब्याज पर साल में ₹1,50,000 तक
लोन उसी अवधि का, पर आप नया टैक्स रिजीम (डिफ़ॉल्ट) में हैंनहीं
लोन 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद मंज़ूर (2026 का नया लोन भी)नहीं
बैंक/संस्था की जगह किसी व्यक्ति से उधारनहीं
कैश में पूरी गाड़ी ख़रीदी, कोई लोन नहींलागू ही नहीं

नया टैक्स रिजीम क्यों ज़रूरी बात है?

आयकर विभाग के FAQ के अनुसार Finance Act 2023 के बाद AY 2024-25 से नया टैक्स रिजीम डिफ़ॉल्ट है। नए रिजीम में Chapter VI-A की कटौतियाँ (जैसे 80C, 80D) नहीं मिलतीं, सिर्फ़ 80CCD(2), 80CCH और 80JJAA को छोड़कर। 80EEB भी Chapter VI-A में आती है, इसलिए इसका फ़ायदा लेने के लिए आपको पुराना रिजीम चुनना होगा। नौकरी करने वालों को अपने employer को भी साल की शुरुआत में बताना होता है कि वे कौन-सा रिजीम चाहते हैं।

उदाहरण (सिर्फ़ समझने के लिए): मान लीजिए 2022 में मंज़ूर EV लोन पर आपने इस साल ₹40,000 ब्याज चुकाया और पुराने रिजीम में आपकी आय पर 20% टैक्स दर लगती है। तब 80EEB से आपकी कर-योग्य आय ₹40,000 कम होगी और टैक्स लगभग ₹8,000 (सेस अलग) कम होगा। पर अगर नया रिजीम आपके लिए कुल मिलाकर सस्ता पड़ता है, तो सिर्फ़ इस एक छूट के लिए पुराना रिजीम चुनना फ़ायदे का सौदा नहीं भी हो सकता। दोनों का हिसाब लगाकर देखें।

1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून: आयकर विभाग के अनुसार Income-tax Act, 2025 लागू हो चुका है और 1961 का अधिनियम 1 अप्रैल 2026 को निरस्त हो गया है; 1 अप्रैल 2026 से पहले शुरू हुए वर्षों पर पुराने अधिनियम के प्रावधान लागू रहेंगे। यानी FY 2025-26 (AY 2026-27) के रिटर्न में पुराने लोन पर 80EEB का क्लेम बनता है। पर टैक्स वर्ष 2026-27 और उसके बाद नए कानून में इसी तरह की EV-लोन ब्याज कटौती किस धारा में और किन शर्तों पर है, यह हमने आधिकारिक टेक्स्ट में नहीं पढ़ा (पुष्टि नहीं)। पुराना लोन चल रहा है तो अगला रिटर्न भरने से पहले incometax.gov.in या अपने CA से ज़रूर पूछें।

EV पर GST: लोन की रकम पर सीधा असर

लोन की रकम गाड़ी की ऑन-रोड क़ीमत पर बनती है, और उसमें GST बड़ा हिस्सा है। 27 जुलाई 2019 की 36वीं GST काउंसिल बैठक (PIB) में सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर GST 12% से घटाकर 5% और EV चार्जर/चार्जिंग स्टेशन पर 18% से 5% करने की सिफ़ारिश हुई, जो 1 अगस्त 2019 से लागू हुई। सितंबर 2025 के GST सुधारों में EV की दर बदलने की कोई बात हमें नहीं मिली, पर इसे हमने ताज़ा अधिसूचना में दोबारा नहीं जाँचा (पुष्टि नहीं)। अपने बिल (invoice) में GST की लाइन ज़रूर देखें।

गुजरात में ऑन-रोड क़ीमत में रोड टैक्स भी जुड़ता है। गुजरात के EV रोड टैक्स और हरी नंबर प्लेट पर हमारी "EV हरी नंबर प्लेट और गुजरात रोड टैक्स" वाली पोस्ट पढ़ें, और बीमे का ख़र्च समझने के लिए "EV इंश्योरेंस गाइड" देखें। ये दोनों ख़र्च भी अक्सर लोन में जुड़ जाते हैं।

बैंकों के "ग्रीन" EV लोन: क्या लिखा है उनकी वेबसाइट पर

कुछ सरकारी बैंक EV के लिए अलग लोन या ब्याज में छूट देते हैं। ब्याज दरें बदलती रहती हैं, इसलिए हम यहाँ कोई दर नहीं लिख रहे; नीचे सिर्फ़ वह है जो बैंकों के अपने पेज पर लिखा है (1 नवंबर 2026 को देखा):

बैंक / स्कीमआधिकारिक पेज पर क्या है
SBI Green Car Loanइलेक्ट्रिक कार के लिए; उम्र 21–70 साल; चुकाने की अवधि 3 से 8 साल; सामान्य कार लोन की दर से 0.25% (25 bps) कम ब्याज; ऑन-रोड क़ीमत का 100% तक लोन (शर्तों के साथ)
Union Bank – Union Green Milesनिजी इस्तेमाल के लिए नया इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर और 4-व्हीलर; पूरे भारत में लागू
Bank of Barodaबैंक के लेख के अनुसार EV को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दर (ROI) में छूट; कितनी, यह शाखा से पूछें

दूसरे बैंक और NBFC भी EV लोन देते हैं। किसी भी ऑफ़र को सिर्फ़ "ब्याज दर" से न तौलें; नीचे बताया गया APR और KFS असली तुलना का तरीका है।

EMI पर साइन करने से पहले RBI के 4 नियम

1. KFS (Key Facts Statement) माँगें

RBI के 15 अप्रैल 2024 के सर्कुलर के अनुसार 1 अक्टूबर 2024 या उसके बाद मंज़ूर हर रिटेल और MSME टर्म लोन के साथ बैंक/NBFC को KFS देना होगा। यह एक तय फ़ॉर्मेट वाला काग़ज़ है जिसमें लोन की मुख्य बातें आसान भाषा में होती हैं, साथ में APR (Annual Percentage Rate) की गणना और पूरी किस्तों की सूची (repayment schedule)।

2. ब्याज दर नहीं, APR मिलाइए

RBI की परिभाषा में APR उधार की सालाना कुल लागत है, जिसमें ब्याज के साथ लोन से जुड़े सारे चार्ज शामिल होते हैं। बैंक अगर बीमा जैसे किसी तीसरे पक्ष के चार्ज वसूलता है, तो वे भी APR में जुड़ते हैं और अलग से दिखाने होते हैं। इसलिए "कम ब्याज, पर भारी प्रोसेसिंग फ़ीस" वाला ऑफ़र APR में पकड़ा जाता है।

3. KFS में नहीं लिखा, तो वसूला नहीं जा सकता

इसी सर्कुलर के अनुसार जो फ़ीस या चार्ज KFS में नहीं लिखे, वे लोन के दौरान कभी भी आपकी साफ़ सहमति के बिना नहीं लिए जा सकते। 7 दिन या उससे लंबे लोन पर KFS कम से कम 3 कामकाजी दिन वैध रहता है, यानी आपको सोचने और दूसरे बैंक से तुलना करने का समय मिलता है। ऐप वाले डिजिटल लोन में मंज़ूरी के बाद कम से कम एक दिन का "cooling-off" समय भी होता है, जिसमें मूलधन और उतने दिन का APR चुकाकर बिना पेनल्टी लोन से निकला जा सकता है।

4. फ़्लोटिंग रेट लोन जल्दी चुकाने पर चार्ज नहीं

RBI के (Pre-payment Charges on Loans) Directions, 2025 के अनुसार 1 जनवरी 2026 या उसके बाद मंज़ूर या रिन्यू हुए लोन में, अगर लोन फ़्लोटिंग रेट पर है और किसी व्यक्ति को बिज़नेस के अलावा (जैसे अपनी गाड़ी) के लिए दिया गया है, तो बैंक/NBFC समय से पहले चुकाने (prepayment/foreclosure) पर कोई चार्ज नहीं ले सकते। यह नियम बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों, NBFC सब पर लागू है।

ध्यान दें: ज़्यादातर वाहन लोन फ़िक्स्ड रेट पर भी मिलते हैं, और यह नियम फ़िक्स्ड रेट लोन की बात नहीं करता। RBI के अनुसार प्रीपेमेंट चार्ज लगेगा या नहीं, यह सैंक्शन लेटर, लोन एग्रीमेंट और KFS में साफ़ लिखा होना चाहिए, और जो चार्ज वहाँ नहीं लिखा, वह लिया नहीं जा सकता। इसलिए साइन करने से पहले यह लाइन ज़रूर पढ़ें।

EV लोन लेने से पहले 8 बातों की जाँच-सूची

  1. KFS लिखित में माँगें और दो-तीन बैंकों/NBFC का APR मिलाएँ, सिर्फ़ ब्याज दर नहीं।
  2. देखें लोन फ़िक्स्ड है या फ़्लोटिंग; प्रीपेमेंट चार्ज की लाइन पढ़ें।
  3. लोन में बीमा, एक्सटेंडेड वारंटी या दूसरे ऐड-ऑन जोड़े गए हैं तो पूछें कि ये ज़रूरी हैं या वैकल्पिक।
  4. डीलर के "0% ब्याज" या "ज़ीरो डाउन पेमेंट" ऑफ़र में प्रोसेसिंग फ़ीस और APR देखें।
  5. पुराने EV लोन पर 80EEB लेना है तो ITR से पहले बैंक से साल का ब्याज प्रमाणपत्र (interest certificate) ले लें।
  6. नई गाड़ी पर 80EEB की उम्मीद में फ़ैसला न करें; यह छूट नए लोन पर नहीं है।
  7. बैटरी वारंटी लोन की अवधि जितनी है या नहीं, यह भी मिलाएँ (हमारी "बैटरी लाइफ़ और वारंटी गाइड" देखें)।
  8. PM E-DRIVE सब्सिडी डीलर बिल में ही घटती है या नहीं, बिल देखें (हमारी "PM E-DRIVE सब्सिडी" पोस्ट पढ़ें)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्र. क्या 2026 में नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लोन पर लेने पर 80EEB छूट मिलेगी?
उ. नहीं। आयकर विभाग के अनुसार 80EEB सिर्फ़ उन लोन पर है जो 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2023 के बीच मंज़ूर हुए।
प्र. 80EEB में अधिकतम कितनी छूट है?
उ. एक साल में चुकाए गए ब्याज पर ₹1,50,000 तक की कटौती। यह टैक्स में सीधी बचत नहीं, आय में कटौती है; असली बचत आपकी टैक्स दर पर निर्भर करती है।
प्र. क्या नया टैक्स रिजीम चुनने पर भी 80EEB मिलेगी?
उ. नहीं। नए रिजीम में Chapter VI-A की कटौतियाँ नहीं मिलतीं (80CCD(2), 80CCH, 80JJAA छोड़कर)।
प्र. 2022 में लिया EV लोन अभी चल रहा है, क्या 2026-27 में भी छूट मिलेगी?
उ. FY 2025-26 (AY 2026-27) के रिटर्न में शर्तें पूरी हों तो हाँ। 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू है, और उसमें यही छूट किस रूप में है, यह हमने आधिकारिक टेक्स्ट में नहीं पढ़ा (पुष्टि नहीं)। CA से पूछें।
प्र. EV लोन जल्दी चुकाने पर पेनल्टी लगेगी?
उ. 1 जनवरी 2026 या बाद में मंज़ूर फ़्लोटिंग रेट वाले निजी (non-business) लोन पर RBI के नियम से कोई चार्ज नहीं। फ़िक्स्ड रेट लोन पर सैंक्शन लेटर/KFS में जो लिखा है, वही लागू होगा।
प्र. KFS क्या है और कहाँ मिलेगा?
उ. Key Facts Statement लोन की मुख्य शर्तों, APR और किस्तों की सूची वाला काग़ज़ है। 1 अक्टूबर 2024 के बाद के रिटेल लोन में बैंक/NBFC को इसे देना ही है। न मिले तो लिखित में माँगें।
प्र. इलेक्ट्रिक वाहन पर GST कितना है?
उ. PIB के अनुसार 1 अगस्त 2019 से सभी EV पर 5% और चार्जर पर 5%। ताज़ा दर अपने बिल में ज़रूर देखें।

स्रोत (सिर्फ़ सरकारी / बैंक की आधिकारिक वेबसाइट)

  1. PIB, वित्त मंत्रालय — बजट 2019: EV लोन के ब्याज पर ₹1.5 लाख अतिरिक्त आयकर छूट (5 जुलाई 2019) — https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1577407
  2. आयकर विभाग ई-फ़ाइलिंग पोर्टल — Salaried Individuals for AY 2026-27 (धारा 80EEB, ITR में भरी जाने वाली जानकारी) — https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/help/individual/return-applicable-1
  3. CBDT — ITR-1 Validation Rules, AY 2026-27 (80EEB लोन मंज़ूरी तारीख 1.4.19–31.3.23) — https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/sites/default/files/2026-05/CBDT_e-Filing_ITR%201_Validation%20Rules_AY%202026-27.pdf
  4. आयकर विभाग — FAQs on New Tax vs Old Tax Regime — https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/help/new-tax-vs-old-tax-regime-faqs
  5. आयकर विभाग — Income Tax Act, 2025: Objective and scope of the New Act — https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/help/all-topics/e-filing-services/objective-and-scope-new-act
  6. PIB, वित्त मंत्रालय — 36वीं GST काउंसिल: EV पर GST 12% से 5%, चार्जर 18% से 5% (27 जुलाई 2019) — https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1580536®=3&lang=2
  7. RBI — Key Facts Statement (KFS) for Loans & Advances (15 अप्रैल 2024) — https://www.rbi.org.in/Scripts/NotificationUser.aspx?Id=12663&Mode=0
  8. RBI — (Pre-payment Charges on Loans) Directions, 2025 — https://www.rbi.org.in/Scripts/NotificationUser.aspx?Id=12878
  9. State Bank of India — Green Car Loan — https://sbi.co.in/web/sbi-green/green-loans/personal/green-car-loan
  10. Union Bank of India — Union Green Miles — https://www.unionbankofindia.bank.in/en/details/union-green-miles
  11. Bank of Baroda — Types of Car Loans (EV पर ROI में छूट) — https://www.bankofbaroda.in/banking-mantra/loans-borrowings/articles/types-of-car-loans

नोट: यह लेख 1 नवंबर 2026 तक उपलब्ध सरकारी और बैंकों के आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है, यह टैक्स या वित्तीय सलाह नहीं है। ब्याज दरें, नियम और टैक्स कानून बदल सकते हैं; लोन लेने या रिटर्न भरने से पहले बैंक, incometax.gov.in या अपने CA से ताज़ा जानकारी ज़रूर लें। EV Gyan Hindi किसी बैंक या कंपनी से जुड़ा नहीं है।

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