लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर: क्या लाइसेंस और RTO रजिस्ट्रेशन चाहिए? 250W / 25 km/h नियम और नया 0.6 kW ड्राफ्ट (2026)

अपडेट: 26 अक्टूबर 2026 · पढ़ने का समय: लगभग 7 मिनट
गुजरात के एक शांत मोहल्ले में खड़ा हल्का लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर, आगे-पीछे reflector के साथ
लो-स्पीड स्कूटर: हल्की मोटर, 25 km/h से कम स्पीड, आगे सफ़ेद और पीछे लाल reflector। (चित्र: EV Gyan Hindi)

शोरूम में अक्सर सुनने को मिलता है: "यह स्कूटर लीजिए — न लाइसेंस चाहिए, न RTO, न नंबर प्लेट!" यह बात कुछ स्कूटर के लिए सही है, सब के लिए नहीं। फ़र्क़ सिर्फ़ विज्ञापन से नहीं, बल्कि सरकार के Central Motor Vehicles Rules, 1989 (CMVR) की शर्तों से तय होता है।

इस लेख में हमने मौजूदा नियम, अगस्त 2026 में सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) का नया ड्राफ्ट, और खरीदने से पहले की जाँच-सूची — सब कुछ सरकारी दस्तावेज़ों से लिया है।

एक नज़र में (Quick Facts)
  • CMVR नियम 2(u) के अनुसार कोई दोपहिया बैटरी वाहन "motor vehicle" नहीं माना जाता, अगर उसकी मोटर की 30-मिनट पावर 0.25 kW (250W) से कम और अधिकतम स्पीड 25 km/h से कम हो — और बाकी शर्तें भी पूरी हों।
  • इन शर्तों को सरकार द्वारा तय testing agency (जैसे ARAI पुणे, ICAT मानेसर) से जाँचा और प्रमाणित होना चाहिए।
  • जो स्कूटर इन शर्तों में नहीं आता, उस पर ड्राइविंग लाइसेंस, RTO रजिस्ट्रेशन और third-party बीमा — तीनों ज़रूरी हैं।
  • 21 अगस्त 2026 को MoRTH ने ड्राफ्ट G.S.R. 760(E) जारी किया: सीमा 0.25 kW से बढ़ाकर 0.6 kW करने और वज़न (60 kg) वाली शर्त हटाने का प्रस्ताव।
  • मिला दस्तावेज़ ड्राफ्ट है। 26 अक्टूबर 2026 तक हमें इसका final notification नहीं मिला — इसलिए केवल इस ड्राफ्ट के आधार पर 600W वाले मॉडल को छूट प्राप्त न मानें; RTO से लागू अंतिम नियम की पुष्टि करें।

सत्यापित CMVR पाठ क्या कहता है? (CMVR नियम 2(u))

CMVR के नियम 2(u) में "Battery Operated Vehicle" की परिभाषा है। उसके साथ एक शर्त (proviso) है: कोई दोपहिया बैटरी वाहन तब motor vehicle नहीं माना जाएगा, जब ये सभी शर्तें testing agency जाँचकर प्रमाणित करे:

  1. मोटर: 30-मिनट पावर (thirty minute power) 0.25 kW से कम।
  2. स्पीड: वाहन की अधिकतम स्पीड 25 km/h से कम।
  3. ब्रेक और reflector: सही ब्रेक, आगे एक सफ़ेद और पीछे एक लाल reflector।
  4. वज़न: बैटरी को छोड़कर वाहन का खाली वज़न (unladen weight) 60 kg से ज़्यादा नहीं।
  5. पैडल वाली e-cycle: मोटर 0.25 kW से कम हो, और 25 km/h पहुँचते ही (या पैडल रोकते ही) मोटर की ताक़त कम होकर बंद हो जाए।

ध्यान दें: शर्त "सभी" की है। मोटर 250W की हो पर स्पीड 25 km/h से ऊपर जाए — तो वह low-speed नहीं रहा। "30-मिनट पावर" का मतलब और उसे जाँचने का तरीका सरकारी मानक AIS-049 और AIS-041 में दिया है, इसलिए मोटर पर लिखा "peak power" इससे अलग हो सकता है।

Testing agency कौन? CMVR नियम 126 में ये संस्थाएँ लिखी हैं: ARAI (पुणे), ICAT (मानेसर), VRDE, CIRT (पुणे), Indian Institute of Petroleum (देहरादून) आदि, और केंद्र सरकार द्वारा तय अन्य एजेंसियाँ।

लो-स्पीड बनाम सामान्य इलेक्ट्रिक स्कूटर (तालिका)

दोनों श्रेणियों का अंतर नीचे एक-एक बिंदु में पढ़ें।
कानूनी दर्जा

प्रमाणित लो-स्पीड: Motor Vehicles Act के लिए "motor vehicle" नहीं

सामान्य e-स्कूटर: Motor vehicle

मोटर पावर (30-मिनट)

प्रमाणित लो-स्पीड: 0.25 kW से कम

सामान्य e-स्कूटर: एक या अधिक शर्तें पूरी नहीं (जैसे पावर 0.25 kW या ज़्यादा)

अधिकतम स्पीड

प्रमाणित लो-स्पीड: 25 km/h से कम

सामान्य e-स्कूटर: एक या अधिक शर्तें पूरी नहीं (जैसे स्पीड 25 km/h या ज़्यादा)

ड्राइविंग लाइसेंस

प्रमाणित लो-स्पीड: MV Act की धारा 3 लागू नहीं होती

सामान्य e-स्कूटर: ज़रूरी (धारा 3)

RTO रजिस्ट्रेशन / नंबर प्लेट

प्रमाणित लो-स्पीड: MV Act की धारा 39 लागू नहीं होती

सामान्य e-स्कूटर: ज़रूरी (धारा 39)

Third-party बीमा

प्रमाणित लो-स्पीड: MV Act की धारा 146 वाला अनिवार्य बीमा लागू नहीं होता

सामान्य e-स्कूटर: ज़रूरी (धारा 146)

कौन जाँचे

प्रमाणित लो-स्पीड: Testing agency (नियम 126) का प्रमाण

सामान्य e-स्कूटर: Type approval + RTO

स्रोत: CMVR नियम 2(u) और 126; Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 3, 39, 146। हेलमेट: कानून लागू हो या न हो, सुरक्षा के लिए हमेशा पहनें।

नया ड्राफ्ट: 0.6 kW तक की मोटर (G.S.R. 760(E), अगस्त 2026)

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 21 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट नियम G.S.R. 760(E) जारी किए, जो 25 अगस्त 2026 के राजपत्र (Gazette) में छपे। इनमें नियम 2(u) को बदलने का प्रस्ताव है:

  • मोटर सीमा: 30-मिनट पावर 0.6 kW से कम (अभी 0.25 kW)।
  • स्पीड: 25 km/h से कम — पहले जैसी ("या समय-समय पर बदले अनुसार")।
  • ब्रेक और reflector: आगे सफ़ेद, पीछे लाल — पहले जैसा।
  • वज़न की शर्त: नए प्रस्तावित पाठ में 60 kg वाली शर्त नहीं है।
  • नई सुरक्षा शर्त: ऐसे सभी वाहनों को AIS-049 (Rev.1) के Annex A की सुरक्षा ज़रूरतें पूरी करनी होंगी।
  • पैडल वाली e-cycle: मोटर 0.6 kW से कम, और 25 km/h पर (या पैडल रुकते ही) मोटर बंद।
  • लागू होने की प्रस्तावित तारीख: 1 अक्टूबर 2026। लोगों से 30 दिन में सुझाव माँगे गए थे (ईमेल: comments-morth@gov.in)।
⚠️ ज़रूरी: मिला दस्तावेज़ ड्राफ्ट है

ड्राफ्ट नियम तभी लागू होते हैं जब सरकार final notification जारी करे। 26 अक्टूबर 2026 तक हमें MoRTH की ओर से इसका final notification नहीं मिला। इसलिए अगर कोई दुकानदार 250W से ज़्यादा मोटर वाले स्कूटर को "नए नियम से no-licence" बताए, तो लिखित में testing agency का प्रमाण माँगें। Final नियम आते ही हम यह लेख अपडेट करेंगे।

खरीदने से पहले 7 बातें जाँचें

  1. Testing agency का प्रमाण: दुकानदार से ARAI/ICAT जैसी एजेंसी का वह प्रमाणपत्र माँगें जिसमें लिखा हो कि यह मॉडल नियम 2(u) की low-speed शर्तें पूरी करता है।
  2. मोटर पावर: ब्रोशर में "rated / 30-minute power" देखें, सिर्फ़ "peak power" नहीं।
  3. टॉप स्पीड: कंपनी की बताई अधिकतम स्पीड 25 km/h से कम होनी चाहिए।
  4. स्पीड "अनलॉक" न कराएँ: स्पीड बढ़ाने के लिए बदलाव कराया तो शर्त टूट सकती है — फिर वह low-speed नहीं रहेगा और लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन के नियम लागू होंगे।
  5. Reflector और ब्रेक: आगे सफ़ेद, पीछे लाल reflector लगे हों और ब्रेक ठीक काम करें।
  6. सब्सिडी: हमारी PM E-DRIVE पोस्ट देखें — सब्सिडी सिर्फ़ उन्हीं मॉडलों पर मिलती है जो उस योजना में शामिल हों। Low-speed मॉडल पर सब्सिडी का दावा हो तो योजना की official सूची में मॉडल जाँचें।
  7. बिल और वारंटी: पक्का बिल लें, जिसमें मॉडल का नाम, मोटर पावर और बैटरी/charger वारंटी लिखी हो।
गुजरात के पाठकों के लिए
  • नियम 2(u) केंद्र सरकार का है, इसलिए गुजरात में भी यही शर्तें लागू होती हैं।
  • अगर आपका स्कूटर low-speed की शर्तों में नहीं आता, तो रजिस्ट्रेशन आपके ज़िले के RTO में होता है; ज़्यादातर मामलों में डीलर ही यह काम करते हैं। लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन सेवाएँ parivahan.gov.in पर हैं।
  • शक हो तो अपने नज़दीकी RTO से लिखित में पूछ लें — यह सबसे पक्का तरीका है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: क्या 250W वाले हर इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए लाइसेंस की ज़रूरत नहीं?
उत्तर: नहीं, सिर्फ़ मोटर देखना काफ़ी नहीं। मौजूदा नियम में मोटर 0.25 kW से कम, स्पीड 25 km/h से कम, सही ब्रेक-reflector, और बैटरी छोड़कर वज़न 60 kg तक — ये सब शर्तें testing agency से प्रमाणित होनी चाहिए।
प्रश्न: क्या अब 600W तक के स्कूटर बिना लाइसेंस चला सकते हैं?
उत्तर: अभी नहीं कह सकते। 0.6 kW वाला प्रस्ताव 21 अगस्त 2026 का ड्राफ्ट (G.S.R. 760(E)) है। 26 अक्टूबर 2026 तक हमें इसका final notification नहीं मिला, इसलिए इस ड्राफ्ट को लागू छूट का प्रमाण न मानें; RTO से पुष्टि करें।
प्रश्न: लो-स्पीड स्कूटर पर नंबर प्लेट और बीमा चाहिए?
उत्तर: जो स्कूटर नियम 2(u) की सभी शर्तें पूरी करता है, उसे Motor Vehicles Act के लिए "motor vehicle" नहीं माना जाता, इसलिए एक्ट के रजिस्ट्रेशन (धारा 39) और अनिवार्य third-party बीमा (धारा 146) वाले नियम उस पर लागू नहीं होते। फिर भी चोरी/नुकसान के लिए अपनी मर्ज़ी से बीमा लेना अच्छा है।
प्रश्न: मेरा स्कूटर low-speed है या नहीं, कैसे पता करें?
उत्तर: दुकानदार या कंपनी से testing agency (जैसे ARAI, ICAT) का प्रमाणपत्र माँगें, और ब्रोशर में rated power व टॉप स्पीड देखें। स्पीड 25 km/h या उससे ज़्यादा जाती है, तो वह low-speed नहीं है।
प्रश्न: क्या लो-स्पीड स्कूटर में हेलमेट ज़रूरी है?
उत्तर: कानूनी शर्तों पर हमने इस लेख में दावा नहीं किया है, लेकिन सुरक्षा के लिए हमारी सलाह साफ़ है: हर बार हेलमेट पहनें। 25 km/h पर गिरना भी गंभीर चोट दे सकता है।

निष्कर्ष: "No licence, no RTO" वाला स्कूटर तभी सही है जब वह सभी low-speed शर्तें पूरी करे और उसका testing agency से प्रमाण हो। 0.6 kW वाला मिला दस्तावेज़ ड्राफ्ट है। केवल इसकी प्रस्तावित तारीख देखकर छूट लागू न मानें; खरीदने से पहले अंतिम अधिसूचना और अपने मॉडल का testing-agency प्रमाण जाँचें। रोज़ 25 km/h से तेज़ चलना है, तो सामान्य e-स्कूटर लें और लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन व बीमा पूरा रखें।

स्रोत (Sources) — सभी 26 अक्टूबर 2026 को देखे गए
  1. MoRTH — ड्राफ्ट नियम G.S.R. 760(E), 21 अगस्त 2026 (Gazette of India, 25 अगस्त 2026), नियम 2(u) में प्रस्तावित बदलाव — https://morth.gov.in/backend/documents/uploaded/1792133005_mNAavLAg7L.pdf
  2. Central Motor Vehicles Rules, 1989 — नियम 2(u) और नियम 126 (परिवहन विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार की वेबसाइट पर प्रति) — https://cgtransport.gov.in/Notification/CMVR_1989.pdf
  3. Central Motor Vehicles Rules, 1989 — नियम 2(u) का बाद वाला पाठ (60 kg शर्त सहित; Supreme Court Observer पर रखी 2023 की प्रति) — https://www.scobserver.in/wp-content/uploads/2023/07/Central-Motor-Vehicles-Rules.pdf
  4. Motor Vehicles Act, 1988 — धारा 3, 39, 146 (India Code) — https://www.indiacode.nic.in/handle/123456789/1798
  5. Parivahan Sewa — लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन सेवाएँ (MoRTH) — https://parivahan.gov.in/
Last checked: 26 अक्टूबर 2026। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। नियम बदल सकते हैं — खरीदने से पहले अपने RTO या कंपनी से लिखित पुष्टि करें। EV Gyan Hindi किसी कंपनी से जुड़ा नहीं है; इस लेख में कोई paid promotion नहीं है।

अतिरिक्त सरकारी संदर्भ: केरल मोटर वाहन विभाग की CMVR प्रति, नियम 2(u)। सरकारी संग्रहों की प्रतियाँ अलग-अलग संशोधन तक अद्यतन हो सकती हैं; अंतिम लागू नियम और वाहन का प्रमाणपत्र RTO से जाँचें।

और पढ़ें

Comments

Popular posts from this blog

इलेक्ट्रिक स्कूटर बीमा 2026: TP प्रीमियम और 6 साल के आदेश की जांच

EV की हरी नंबर प्लेट और RC फ़ीस छूट: गुजरात टैक्स की जाँच

सोलर से इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्ज करें: ₹78,000 तक rooftop subsidy और गुजरात net metering